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बेहतर जिओ !

विचार

हिन्दी माध्यम से ऑनलाइन अंग्रेज़ी पाठ्यक्रम

दिनांक : 2018-08-14
लेखक : कैलाश चन्द्र शर्मा

कई वेबसाइट्स हैं जो अंग्रेज़ी ऑनलाइन सिखाती हैं, पर बात जब आती है हिन्दी मीडियम से अंग्रेज़ी सिखाने की तो बमुश्किल कुछ ही विश्वसनीय वेबसाइट्स मिलती हैं जो सच्चे अर्थों में उद्देश्य पूरा कर सके। चूँकि क्लासरुम प्रशिक्षण की तुलना में ऑनलाइन कोर्स के कई अधिक फ़ायदे हैं इसलिये यह जानना महत्वपूर्ण हो जाता है कि किस वेबसाइट पर निर्भर रहा जाए। आधुनिक ज़माने में लोग वो नहीं सीखना चाहते जो एक वेबसाइट उन्हें सिखाने को प्रस्तुत है। वे वही सीखना चाहते हैं जो उन्हें अपनी ज़रुरत का महसूस होता है। उनके पास एक सुपरिभाषित और स्पष्ट लक्ष्य होता है जो वे हासिल करना चाहते हैं।

वे जानते हैं कि उनके जीवन को उनसे क्या अपेक्षा है। कुछ लोग तो एकदम शुरुआत से पढ़ना और लिखना सीखना चाहते हैं। जबकि कई अन्य विद्यार्थी बोलचाल की अंग्रेजी (स्पोकन इंग्लिश) पर अधिकार करना चाहते हैं। अनेक सीखने वाले पर्याप्त रूप से सक्षम बनना चाहते हैं ताकि वे IELTS जैसी परीक्षा पास करके बस विदेश जा सकें। हिंदी भाषी क्षेत्र के भारतीय हिंदी माध्यम से अंग्रेजी सीखना चाहते हैं। इन सभी की वो सब सीखने में मदद की जानी चाहिए जो वह सीखना चाहते हैं और जिसकी उन्हें उनकी महत्वाकांक्षाओं के मुताबिक जरूरत है। चूँकि ये लोग हिंदी अच्छे-से जानते हैं, वे आमतौर पर अपने हिंदी के ज्ञान का उपयोग अंग्रेज़ी के ज्ञान को अर्जित करने में करना चाहते हैं। दूसरे शब्दों में, वे हिंदी की पूंजी लगाकर अंग्रेज़ी की दौलत कमाना चाहते हैं। ऐसे विद्यार्थी चाहे वे छोटे हों या वयस्क आमतौर पर न तो विश्वविद्यालयों की भारी-भरकम फीस का खर्च उठा पाते हैं न ही घर से दूर रहकर होस्टल का खर्च वहन कर पाते हैं। इनमें से कई विद्यार्थियों को अपना खर्च खुद उठाना होता है और कुछ को तो अपने परिवार की भी मदद करनी होती है। वे कमाते हुए सीखना चाहते हैं। इसलिए वे स्वतंत्रता से तय करना चाहते हैं कि उनके सीखने का स्थान, समय, गति और स्तर (लेवल/ग्रेड) आदि क्या हो। इनमें से अनेक सीखनेवालों की दिलचस्पी न तो औपचारिक प्रशिक्षण में होती है न ही बाद में मिलने वाली डिग्री या प्रमाणपत्र में। वे अंग्रेजी के अच्छे उपयोगकर्ता बनकर आत्मविश्वास हासिल करने में ही दिलचस्पी रखते हैं। इस प्रकार ज़ोर इस बात पर होता है कि कौशल यानी हुनर आए वो योग्यता आए जिससे वे बगैर हिचक-झिझक के अंग्रेजी में लिख-पढ़ और बोल सके।

भारत के एक ऑनलाइन सीखनेवाले ने बताया: “मैं ऑनलाइन शिक्षा में मिलनेवाली आसानी और सहूलियतों को पसंद करता हूँ क्योंकि मुझे स्कूलों और कॉलेज़ो की भारी फीस चुकानी नहीं पड़ती है। मुझे सार्वजनिक साधनों से या स्वयं के वाहनों से शिक्षण संस्थाओं में भी नहीं जाना पड़ता है। मुझे न तो पेट्रोल जलाना पड़ता है न ही आधी रात का तेल यानी रातों में जागने की ज़रूरत नहीं होती।” ये टिप्पणी एकदम सही है क्योंकि एक आम ऑनलाइन सीखनेवाले को औपचारिकताओं मैं उलझना नहीं पड़ता और न ही उन्हें बहुत सा समय, ऊर्जा और पैसा खर्च करना होता है।

अगर अंग्रेज़ी के पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम में मिल जाएं तो यह तो सोने में सुहागा है। इससे अधिक क्या चाहिए? सीखनेवाले सीखना पसंद करते हैं जब उनकी अपनी खुद की भाषा हिंदी एक राहत देनेवाला सहारा बन जाती है, और उन्हें मदद करती है वो अंग्रेजी सीखने में जो उन्हें देश-विदेश में, हर कहीं, रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में कई तरह से काम में आती है।



  • Read in English
  • Online English Courses through Hindi

    Date : 2018-08-14
    Author : Kailash Chandra Sharma


    There are many websites that teach English online, but when it comes to teaching English through Hindi there are hardly few reliable websites that could serve the purpose in the true sense. Since there are so many advantages of online learning over the classroom training, therefore it is a vital question as to which website to depend on. In the modern times people don't want to learn what educational websites offer to teach. They want to learn what they feel they really need to learn. They have a well-defined clear target to achieve.

    They know what their lives expect of them. Some of them want to learn reading and writing from the scratch, while many others want to have a command on Spoken English. A lot of learners want to be competent enough to face exams like IELTS and some of them want to learn merely to travel abroad. Indian learners of Hindi speaking belt want to learn English in Hindi medium. They should be facilitated to learn what they need to and want to learn depending upon their ambitions and aspirations. Since these people know Hindi very well, they usually want to take advantage of their knowledge of Hindi to acquire the knowledge of English. In other words they want to earn English by investing their Hindi. Such students whether young or adult normally cannot afford to pay the heavy fees of universities, nor can they afford to stay away from home in hostels. Many of them have to support themselves, even their families. They want to learn while they earn. Therefore they need the freedom to decide their pace, place and grade etc. Many such learners are not interested in formal training followed by a certificate or degree. They are interested in acquiring self-confidence by being a fairly good users of English. Thus the stress is on the skill, the very ability to read or write or speak in English without hitch or hesitation whatsoever.

    An online learner of India pointed out: “I love the comfort and ease that is offered by online education as I needn’t pay bulky fees of schools and colleges. I don’t have to go out to the institution by public transport system or my personal vehicles either. Thanks to online education, I needn’t burn petrol nor midnight’s oil.” And the remark is quite apt as typical online learners needn’t get indulged in any formality, nor do they have to spend a lot of time, energy or money.

    If the English courses can be obtained in Hindi medium, it’s like a cherry on the top of cake. What more could be expected. The learners love to learn when their own language Hindi becomes a relaxing support to help them learn English language which has multiple uses in their day-to-day life whether they live and work in India or abroad.






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